मंगलवार, 7 जून 2011

WOMAN-POEM


google se sabhar 


I want to live proudly 

I love to do everything fearlessly

I wish to make my dreams true

I like to gain veneration

I prefer revolt than compromise 

I am a ''WOMAN '' Who Opposes

Man's Autocratic Nature .
                                                shikha kaushik
                       http://gulkakaushik.blogspot.com


3 टिप्‍पणियां:

शालिनी कौशिक ने कहा…

every line is right about woman nature.

शालिनी कौशिक ने कहा…

every line is right about woman nature.

veerubhai ने कहा…

संघर्ष को ज़ारी रखने के लिए जान बचाना ज़रूरी होता है .और फिर बाबा को तो एन काउंटर में मारा जाना दिखाया जाना था .इलज़ाम तो वीर-सावरकर पर भी माफ़ी मांगने का कुछ बौद्धिक भकुए और गुलाम आज भी लगातें हैं .बाबा तो फिर बाबा है राजनीति के दांव पेचों से अज्ञेय .



























जहां चाह ,वहां राह .where there is will there is a way .